Steve Paul Jobs की सफलता की कहानी और जीवनी

Steve Paul Jobs की सफलता की कहानी और जीवनी

Steve Paul Jobs की सफलता की कहानी और जीवनी 

Steve Jobs Success Story: जब मैं 17 साल का था तो मैंने किताब में पढ़ा था कि यदि आप हर रोज ऐसे जियो जैसे कि यह आपकी जिंदगी का आखरी दिन है तो आप किसी ना किसी दिन सही साबित हो जाओगे, यह विचार मेरे दिमाग पर छा गया और तब से मैंने हर सुबह शीशे में खुद से यह सवाल किया है कि अगर यह दिन मेरी जिंदगी का आखरी दिन होता तो क्या मैं आज वह करता जो मैं करने वाला हूं और जब भी लगातार कई दिनों तक जवाब नहीं में होता तब मैं समझ जाता हूं कि कुछ बदलने की जरूरत है कुछ नया करने की जरूरत है,

स्टीव जॉब्स की इस इस बीच में बहुत ही गहराई है अगर आप इस बात को ध्यान से समझे तो यह आपने कला की ऊर्जा भर देगा और इससे भी ज्यादा ऊर्जावान उनके जीवन की कहानी है यह ऐसी शक्ति जिन्होंने अपने पैसे से प्यार था और नहीं पैसा उनकी पहचान थी बल्कि लीक से हटकर सोचना तथा तकनीक को नए रूप में परिभाषित करना उनके प्रबल व्यक्तित्व की विशेषताएं थी।

लेकिन स्वयं Steve Jobs के लिए उनकी जिंदगी कभी आसान नहीं रही उनका प्रारंभिक जीवन काफी भ्रम और उथल-पुथल से भरा हुआ था, तो बिना समय गवाए उनके बारे में शुरू से जानते हैं स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 में कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को में हुआ था उनका वास्तविक नाम इस्टीम पॉलिजॉर्ब था जून को गोद लेने वाले माता-पिता खिला रहा और पॉल जॉब से मिला था दरअसल उनके वास्तविक माता-पिता की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी और वे यह नहीं चाहते थे क्योंकि बच्चे को भी अभावग्रस्त जिंदगी में जीना पड़े इसलिए उन्होंने स्टीव को एक ऐसे दंपत्ति को सौंपने का फैसला किया जो उनकी अच्छी परवरिश कर अच्छी शिक्षा दे सकें उनके पिता पॉल जॉब्स एक इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप चलाते थे।

इसलिए स्टीव का ज्यादातर समय अपने पिता के साथ उनकी मदद करने में व्यतीत होता यही वह माहौल था जिसने उन्हें चीजों को सही रूप में जोड़कर नई चीजों को बनाना सिखाया और फिर धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक उनका शौक बन गया प्राथमिक विद्यालय में 4 साल पढ़ने के बाद किसी कारणवश उनके पिता को दूसरे शहर लॉस ऑल्टो में शिफ्ट होना पड़ा और यहां उनका दाखिला होमस्ट्रीट माध्यमिक विद्यालय मैं करा दिया गया जहां उनकी मुलाकात स्टीव वोजनियाक से हुई जो आगे चलकर एप्पल कंपनी में साझेदार भी बने।

वासनिक का दिमाग भी काफी तेज था और उन्हें भी इलेक्ट्रॉनिक से बहुत प्यार था शायद इसीलिए दोनों में जल्द ही दोस्ती हो गई स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्टीव जॉब्स ने आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए रीड कॉलेज में एडमिशन तो ले लिया लेकिन इस कॉलेज की फीस इतनी महंगी थी कि उनके माता-पिता के लिए उसे दे पाना संभव नहीं हो पा रहा था और स्टीव जॉब्स को भी अपने माता-पिता का पैसा ही बर्बाद करना अच्छा नहीं लगा क्योंकि उन्हें उस पढ़ाई में ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी इसीलिए 6 महीने बाद ही उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया। 

जिसके बाद एक आधिकारिक छात्र के रूप में वे केवल अपने मनपसंद विषय कैलीग्राफी की क्लास लेने लगे यह ऐसा समय था जब इस टीम के पास बिल्कुल पैसे नहीं होते थे यहां तक कि अपने हॉस्टल के कमरे का किराया भी नहीं दे सकते थे जिससे वे अपने दोस्त के कमरे में फर्श पर सोते थे और खाना खाने के लिए हर रविवार 7 मील दूर पैदल चलकर मंदिर जाते हैं ताकि हफ्ते में एक बार पेट भर खाना खा सकें उसके बाद वर्ष 1972 में जॉब्स को पहली

नौकरी एक वीडियो गेम्स बनाने वाली कंपनी अटारी में मिली वहां उन्होंने कुछ वर्षों तक काम किया लेकिन जैसा कि होता है हर इंसान की जिंदगी का एक आध्यात्मिक पक्ष भी होता है और इसे पाने के लिए हर किसी का तरीका भी अलग स्टीव के आध्यात्मिक पूर्ति का स्थान भारत था और जिसके लिए उन्हें पैसे बचाने शुरू किए सन 1974 में वह भारत अपने दोस्त डेनियल कोर्ट के के साथ है जो बाद में जाकर एप्पल कंपनी के एम्पलाई भी बने भारत में भैंस 7 महीने रहे और बौद्ध धर्म को पढ़ा और समझा जिसके बाद भी वापस अमेरिका चले गए और फिर से अटारी कंपनी में काम करने लगे।

और यहीं पर स्टीव जॉब्स और स्टीवर्स ने एक बार फिर अच्छे दोस्त बन गई दोनों ने मिलकर काम करने का सोचा और जहां दोनों की रुचि इलेक्ट्रॉनिक में थी तो कंप्यूटर बनाना उनके लिए सही फैसला था और दोनों ने मिलकर अपने पापा के छोटे से गहरा से अपने जुनून को हकीकत में बदला उस वक्त इस चीज की उम्र मात्र 21 साल थी और इस काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें इंटेल कंपनी के रिटायर इंजीनियर माइक मर्कविले से सहयोग राशि प्राप्त हुई और काफी मेहनत के बाद उन्होंने अपना पहला कंप्यूटर

सैन फ्रांसिस्को के होम वीडियो कंप्यूटर क्लब में पेश किया जिसे लोगों ने खूब पसंद किया जिसके बाद 12 दिसंबर 1980 को पहली बार कंपनी का आईपीओ बाजार में उतारा गया जिससे एप्पल एक सार्वजनिक कंपनी बन गई और एप्पल किस आईपीओ ने विश्व के किसी भी कंपनी से ज्यादा लगभग 300 व्यक्तियों को रातों रात करोड़पति बना दिया उसके बाद जब एप्पल था और लीसा डेक्सटॉप बाजार में लांच हुआ तो लोगों ने उन्हें ज्यादा पसंद नहीं किया और कंपनी घाटे में चली गई और दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार इस टीम को ठहराया गया और 17 सितंबर 1985 में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने इस टीम को कंपनी से निकाल दिया जिसके बाद वह टूट चुके थे सफलता उन्हें खाए जा रही थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी नेक्स्ट इन क्रांति कंपनी खोली और इस कंपनी से उन्होंने इतने पैसे कमाए क्यों नहीं सो 86 में उन्नत 10 मिलियन डॉलर से एक ग्राफिक्स कंपनी खरीदी जिसका नाम उन्होंने पिक्चर रखा जिसमें उन्होंने अच्छी सफलता हासिल की और इधर स्टीव जॉब्स के बिना एप्पल कंपनी घाटे में चल रही थी तब एप्पल ने 477 मिलियन डॉलर से नेक्स्ट कंपनी को खरीद।

दीया और स्टीव जॉब्स बन गई एप्पल के सीईओ जिसके बाद उन्होंने एप्पल के अनोखे प्रोडक्ट निकाले जैसे आईपॉड आइट्यूंस और 2007 में एप्पल का पहला मोबाइल फोन निकाला जिसने मोबाइल फोन के बाजार में क्रांति ला दी थी जो आज भी लोगों के दिलों में छाया हुआ है 5 अक्टूबर 2011 को मात्र 56 वर्ष की आयु में कैंसर की बीमारी के चलते उनका निधन हो गया और अगले ही दिन कैलिफ़ोर्निया के राज्यपाल द्वारा उस दिन को स्टीव जॉब्स डे के रूप में मनाने की घोषणा कर दी गई थिंक डिफरेंट यह स्टीव का मूल मंत्र था कितना छोटा सा शब्द लेकिन कितनी गहराई से लदे हुए किसी शब्द के भरोसे उन्होंने उद्योग जगत को बदला उनका हमेशा से यह मानना था कि जीवन में यदि हमें सफल होना है तो किसी का भी इंतजार किए बिना अकेला चलना सीखना होगा।

5 Best Sociology Books For Upsc Students (Hindi & English 2020)

5 Best Sociology Books For Upsc Students (Hindi & English 2020)
5 Best Sociology Books For Upsc Students (Hindi & English 2020)


जय हिंद दोस्तों स्वागत है आपका सरकारी अधिकारी वेबसाइट पर दोस्तों आज मैं आपके साथ Sociology की कुछ ऐसी किताबें शेयर करने जा रहे हैं जो कि आपकी हर प्रकार की Competitive Exam में साथ देंगे यह इसलिए मैं यहां पर आपके साथ 5 Best Sociology Books For Upsc In Hindi शेयर करने जा रहा हूं जिन्हें पढ़कर आप UPSC के अलावा अन्य Sarkari Exam जैसे कि ssc cgl upsc रेलवे या अन्य कोई ऐसा एग्जाम जहां पर sociology subject उपलब्ध हो.

आप इन Top 5 sociology books में से किसी एक अपनी Best Book को चुनकर उसे पढ़कर परीक्षा को Crack कर सकते हो हम यहां पर best 5 sociology Books बताएंगे जिन्हें आप ऑनलाइन खरीद कर पढ़ सकते हो तो चलिए जानते हैं कौन सी है Top & Best Sociology Books For Upsc & Beginners.


5 Best Sociology Books For Upsc Students 2020


1. A Dictionary Of Sociology (Oxford Quick Reference)

अगर आप Civil Services की तैयारी कर रहे हो तो आपके लिए Dictionary Of Sociology एक बहुत ही अच्छी किताब हो सकती है इसे पहली बार 1994 में पब्लिश किया था इसमें आपको जलवायु परिवर्तन आतंकवाद सोशल मीडिया तथा समाजशास्त्री सारे टॉपिक मिल जाएंगे इसे आप Amazon या फिर Flipkart से आसानी से Purchase सकते हैं।

2. Essential Sociology Book (CSE)

जैसा कि हम जानते हैं की Sociology Book सिविल सर्विसेज एग्जाम्स के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है और यह किताब Essential Sociology Book केवल सिविल सर्विसेज एग्जाम्स के लिए बनाया गई है साथ साथ दोस्तों यह किताब आपके NET एग्जाम तथा जेआरएफ की तैयारी में भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है
इस किताब में आपको समाजशास्त्र का पूरा पाठ्यक्रम देखने को मिलेगा इसमें आपको 2 भाग देखने को मिलेंगे भाग 1 और भाग 2 यह किताब बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई है जो कि कोई भी यूपीएससी की तैयारी करने वाला अभ्यर्थी आसानी से समझ सकता है आप इसे ऐमेज़ॉन या फिर फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं। So We can say that this is Best Sociology Books For Upsc and other exam.

3. Samajshatra (समाजशास्त्र) By एम.एल गुप्ता / डीडी शर्मा

दोस्तों अगर आप हिंदी माध्यम के विद्यार्थी हो तो यह किताब आपके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सोशियोलॉजी यानी समाजशास्त्र की हिंदी की किताब है जिसे साहित्यभवन द्वारा प्रकाशित किया गया है तथा प्रोफेसर एम.एल गुप्ता तथा डॉक्टर डी.डी शर्मा द्वारा लिखा गया है अगर आप वैकल्पिक विषय के तौर पर सोशलॉजी लेना चाहते हो तो यह किताब आपके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है

4. Rural Sociology (समाजशात्र)

इस किताब का प्रकाशन 1999 में हुआ था जोकि एसएल दोषी तथा पीसी जैन द्वारा लिखी गई है इस किताब में सभी बिंदु को बहुत ही सरल भाषा में समझाया गया है यह पुस्तक मुख्य रूप से यूपी के वैकल्पिक विषयों में से हैं और लिखे गए सभी बिंदु बहुत ही सरल भाषाओं में समझाए गए हैं अगर आप सिविल सर्विसेस में समाजशास्त्र को एक वैकल्पिक तौर पर लेना चाहते हो तो आप इस किताब को ऑनलाइन अमेजॉन तथा फ्लिपकार्ट से आसानी से खरीद सकते हो।

5. Sociology For All Indian University Entrance Exam

दोस्तों अगर आप ग्रेजुएशन कर रहे हो तथा आप का विषय सोशलॉजी है तो आपके लिए यह किताब काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है इस किताब की मदद से आप यूपीएससी की भी तैयारी कर सकते हो यह किताब प्रवेश परीक्षा के लिए एक बहुत ही अच्छी किताब है इसके सभी टॉपिक्स अच्छी तरह से कवर किए गए हैं आप इसे अमेजॉन फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं।

निष्कर्ष Best Sociology Books

अंत में आपसे यही कहना चाहता हूं कि ऊपर दी गई सभी किताबें आप ऑनलाइन खरीद सकते हो और अगर आप Sociology को Optional तौर पर सिविल सर्विसेज परीक्षा में लेना चाहते हो तो सभी किताबें यूपीएससी की तैयारी करने के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है आप 5 Best Sociology Books For Upsc Students (Hindi & English 2020) में से अपनी मनपसंद किताब को चुन सकते हैं और आपको सभी किताबों के रिव्यु ऑनलाइन मिल जाएंगे।

जिस किताब को पढ़कर आप कंफर्टेबल फील करते हो आप उसी किताब को खरीदें आशा करता हूं दोस्तों की आपको Top 5 Best Sociology Books In Hindi पोस्ट पसंद आई हो ऐसे ही किताबों का रिव्यु पाने के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहें मिलते अगली पोस्ट में और साथ ही साथ दोस्तों आप इस पोस्ट को दूसरों के साथ जो कि किसी भी प्रवेश परीक्षा या फिर सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके साथ शेयर करना ना भूले। Sociology Book For Upsc

Yojana Magazine April 2020 PDF

MICA Current Affairs MAY 2020 PDF 2020

Download HNBGU Syllabus 2020-21

जो छात्र छात्राये Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University के UG/ PG में अध्ययन कर रहे हैं वे HNBGU Syllabus 2020 को PDF के रूप में Download कर सकते हैं। आज में आपके साथ यहाँ share करने वाला हूँ HNB BSC Syllabus में आपको BSC/ B.A 1st s em, 2nd sem, 3rd sem, 4rth sem, 5th sem or 6th sem का Syllabus देखने मिलेगा और इसमें Physics, Chemistry, Math,विषय का सिलेबस दिया जाएगा आप HNBGU BSC/ BA Syllabus निचे गए लिंक की मदत से आसानी से डाउनलोडकर सकते है |


Download HNBGU Syllabus 2020-21

Download HNBGU BSC Syllabus For All Semester

HNBGU Syllabus 2020


University NameHemwati Nandan Bahuguna Garhwal University
CoursesUG/PG
CatagoryHNBGU Syllabus
Official WebsiteHnbgu.ac.in
Established1973

HNBGU/ College University PHYSICS Syllabus

1st sem - Mechanics
2nd sem - Electricity, Magnetism and EMT
3rd sem - Thermal Physics and Statistical Mechanics
4th sem - Waves and Optics
5th sem -
*Elements of Modern Physics 
*Solid State Physics
6th sem- Quantum Mechanics

Download Physics Syllabus for BSC 1st s em, 2nd sem, 3rd sem, 4rth sem, 5th sem or 6th sem

HNBGU/ College University MATHEMATICS Syllabus

1st sem - Differential Calculus
2nd sem - Differential Equations
3rd sem - Real Analysis
4th sem - Algebra
5th sem -
DSE 1A (choose one) 1. Matrices 2. Mechanics 3. Linear Algebra 
6th sem
DSE 1B (choose one) 1. Numerical Methods 2. Complex Analysis 3. Linear Programming 

Download MATHEMATICS Syllabus for BSC 1st s em, 2nd sem, 3rd sem, 4rth sem, 5th sem or 6th sem 

HNBGU/ College University CHEMISTRY Syllabus

1st sem - Atomic Structure, Bonding, General Organic Chemistry & Aliphatic Hydrocarbons
2nd sem - Chemical Energetics, Equilibria & Functional Group Organic Chemistry-I
3rd sem - Solutions, Phase equilibrium, Conductance, Electrochemist ry & Functional Group Organic Chemistry-II
4th sem - Chemistry of s- and p-block Elements, States of Matter & Chemical Kinetics
5th sem -
6th sem - 

Download CHEMISTRY Syllabus for BSC 1st s em, 2nd sem, 3rd sem, 4rth sem, 5th sem or 6th sem 

Download B.A./BSC CBCS SYLLABUS 2020-021

  • Download B.A. CBCS SYLLABUS 2015-16
  • (HindiEnglishEconomics, Political ScienceSociology,SanskritDrawing & Painting)
  • Download B.Sc. CBCS SYLLABUS 2015-16
  • (Maths ,Physics,Chemistry,Computer Science
  • Botany ,Zoology, Microbiology)

IIT सफलता की कहानिया आपको पढ़ने पर मजबूर कर देगी

IIT सफलता की कहानिया जो आपको पढ़ने पर मजबूर कर देगी

IIT Success Stories : जब हम कभी भी IIT का नाम सुनते हैं तो हमारे दिमाग में यही प्रश्न उठता है कि आईआईटी एक बहुत ही कठिन परीक्षा है और जब इसका रिजल्ट आता है तो बहुत सारे लोग इसमें सफलता हासिल कर लेते हैं लेकिन कुछ लोग सफलता से रह जाते हैं और जब कई लोग इस में पास हो जाते हैं तो बहुत सारी सफलता की कहानियां इसमें वायरल होने लगती है हम सब जानते हैं संघर्ष तो सब करते हैं लेकिन इसमें कुछ ही लोग कामयाब हो पाते हैं और कुछ लोग जो आगे इस परीक्षा को देना चाहते हैं वह इन कहानियों को संकरी अपना मोटिवेशन जगाते हैं। 


तो चलिए आज हम ऐसी ही कहानियां आपको बताने वाले हैं जो कि आपको आगे चलकर कामयाबी और प्रेरणा देगी।

1)हैदराबाद के वी मोहन अभ्यास

आज हम बात करने वाले हैं हैदराबाद के मोहन के बारे में जिन्होंने आया के में 64 वी रैंक हासिल की है आपको बता दें कि मोहन एक बहुत ही गरीब फैमिली से बिलॉन्ग करता उनके पिता एक दुकानदार है जोकि हैदराबाद में ही स्थित है मोहन ने अपने आदर्श अब्दुल कलाम को माना था आईआईटी से पहले उन्होंने जेई में भी छठवीं रैंक हासिल की थी। 


2) जतिन लांबा

जितना अंबानी भी आईआईटी में 34 रैंक हासिल की उनके पिता की एक छोटी सी दुकान है चक्की की दुकान इससे पहले भी उन्होंने जेईई मेंस में 566 वी रैंक हासिल की थी। 


3) चित्रांग

आज हम ऐसे आईआईटी टॉपर के बारे में बात करने वाले हैं जिन्होंने 360 में से 324 मार्क्स हासिल की है इनका नाम है चित्रांग
चितरंग ने बताया उनके ऊपर आईआईटी का भूत सवार था वह स्कूल से छुट्टी लेकर कोटा में कोचिंग सेंटर में चले जाते थे ताकि वह वहां आईआईटी की तैयारी कर सकें। 


4) सृजन गर्ग

पूरी राजधानी में पहले स्थान पर रहे सृजन गर्ग ने जेईई में 360 में से 303 अंकल आए और साथ ही साथ उनके जेईईमेंस में भी 360 में से 295 अंक आए थे वह दिल्ली 8 घंटे तक पढ़ा करते थे और साथ ही साथ पुराने पेपरों को भी सॉल्व किया करते थे उन्होंने बताया कि जब वह नाइंथ क्लास में थे तब से वहां जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए। 


आईआईटी टॉपर से द्वारा दिए गए कुछ टिप्स

1.अगर आप जेईई के एग्जाम को क्लियर करना चाहते हो तो आपको छोटी सी छोटी गलती पर भी ध्यान देना चाहिए
2.आपको सभी सैंपल पेपर तथा पुराने पेपरों को भी सॉल्व करना चाहिए
3.सिलेबस को पूरा पढ़ना चाहिए जब तक डाउट क्लियर ना हो उसे तब तक solve करना चाहिए
4.समय बहुत कीमती है इसका सदुपयोग करो और बचे हुए टाइम में पुराने पेपरों को सॉल्व करो
5.फौरन ऑथर्स की बुक्स जरूर पढ़ें इससे आपको काफी ज्यादा फायदा होगा

IAS टॉपर की सफलता की कहानी - रिक्शे से आईएएस तक का सफर

Upsc Success Story Of govind jaiswal ias

Upsc Success Story Of Govind Jaiswal IAS

Upsc Success Story Of govind jaiswal IAS - आज हम ऐसे शख्स के बारे में बात करने वाले हैं जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा पास कर लीया और पूरे भारत में 47 वां स्थान हासिल कर दिया, जी हां आज हम बात करने वाले हैं बनारस के एक छोटे से घर के रहने वाले गोविंद जयसवाल जी के बारे में। 

गोविंद जयसवाल एक छोटे से घर के रहने वाले हैं उनके पिता एक रिक्शा चलाया करते थे यानी वह एक गरीब परिवार से थे लेकिन घर में पढ़ाई का माहौल ना होने के कारण उनके घर में कोई भी पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था गोविंद जयसवाल अपने माता-पिता के साथ तथा अपनी तीन बहनों के साथ रहा करते,थे जब गोविंद जयसवाल जी ने अपनी पढ़ाई पूरी की तो उन्होंने सोचा मुझे भी घर को चलाने के लिए कुछ हाथ बढ़ाना पड़ेगा इसलिए उन्होंने पढ़ाई पूरा होने के बाद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया उस समय तक तो उन्होंने यह भी नहीं सोचा था कि वह आगे चलकर एक सिविल सर्विस के पद पर नियुक्त होंगे। 

तो चलिए अब जान लेते हैं कि किस प्रकार से उनके आईएएस बनने का सफर शुरू हुआ, एक बार गोविंद के साथ एक ऐसी घटना हुई जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वह एक आईएस बन कर ही मानेंगे। जब एक बार वह अपने दोस्तों के साथ खेलते हुए किसी एक लड़के के घर में चले गए घर में जाने के बाद उसी लड़के के पिता ने गोविंद जयसवाल को डांट कर कहा कि चाहे तू कितना भी पढ़ ले चलाएगा तो तू रिक्शा ही, इस घटना से मानो उनकी जिंदगी ही बदल गयी यह सुनकर जायसवाल ने ठान लिया जिंदगी में कुछ ऐसा काम करूँगा कि सभी लोग उनके माता-पिता का आदर करें। 

उनका घर एक ऐसी जगह था जहां पढ़ाई का माहौल नहीं था यानी मोहल्ले में शोर गुल्ला रहता था जिससे वह दिन में पढ़ाई नहीं करपते थे इसलिए उन्हें रात को ही लैंप की मदद से पढ़ना पड़ता था वह एक सरकारी स्कूल से पढ़े हुए थे। 

यूपीएससी की तैयारी के लिए उनके पास पैसा नहीं था इसलिए आईएएस की तैयारी के लिए उनके पिताजी ने अपनी पूरी जमीन ही भेज दी और मिले रुपयों से गोविंद को दिल्ली भेज दिया जहां से वह अपनी आईएएस की कोचिंग पूरी कर सकें। 

आईएएस की कोचिंग पूरी होने के बाद उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 48 वीं रैंक हासिल कर दी उस समय उनकी उम्र 23 साल थी और 2006 में वह 47 वी rank हासिल करने वाले यूपीएससी टॉपर बने। 

तो आप जान गए होंगे कि किस प्रकार से गोविंद जयसवाल जी ने यूपीएससी में टॉप किया आशा करता हूं कि आपको Upsc Success Story Of govind jaiswal ias पसंद आई हो अगर आपको यही स्टोरी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। 

गरीब परिवार से ताल्लुख़ रखने वाले Shekhar Kumar ने किस प्रकार किया UPSC में Top

IAS Success Story: गरीब परिवार से ताल्लुख़ रखने वाले Shekhar Kumar ने किस प्रकार किया UPSC में Top

गरीब परिवार से ताल्लुख़ रखने वाले Shekhar Kumar ने किस प्रकार किया UPSC में Top 

IAS/IRS Success Story: आज हम ऐसे शख्स के बारे में बात करने वाले हैं जो कि एक बहुत ही साधारण परिवार से नाता रखते हैं जिनका नाम है शेखर कुमार तो चलिए जान लेते हैं शेखर कुमार के बारे में वह किस प्रकार से उन्होंने आईएएस में टॉप किया, पहले तो शेखर कुमार डीएम नहीं बनना चाहते थे लेकिन उनके माता-पिता का एक ही सपना था कि वह सिविल सर्विस में जाएं, आगे चलकर Shekhar Kumar ने अपने माता पिता को डीएम बन कर दिखाया और उनके सपनों को पूरा किया उन्हें इसी बीच बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि सिविल सर्विस एक बहुत ही कठिन परीक्षा मानी जाती है पूरे भारत में, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शेखर कुमार 2010 के बेच के एक आईएएस टॉपर है उन्होंने एक इंटरव्यू  मैं कहा कि उनके आईएस बनने का पूरा श्रेय उनके माता-पिता को जाता है यदि उनके माता-पिता आईएएस बनने के लिए प्रेरित नहीं करते तो शेखर इस मुकाम पर नहीं होता तो इस सब का क्रेडिट अपने माता-पिता को देता हूं। 

जब शेखर कुमार अपनी पहली सिविल सर्विस परीक्षा देने के लिए गए तो वह 10 मिनट लेट हो गए जिस कारण से उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया जिससे उनका 1 साल पूरा ही बर्बाद हो गया इस घटना से शेखर कुमार को बहुत ही ज्यादा निराशा हाथ लगी और उनके आईएस बनने का ख्वाब जैसे ही टूटने वाला था। 

आपको बता दें कि शेखर के माता-पिता केवल दसवीं तक ही पढ़ाई की थी जिस कारण वह चाहते थे कि उनका बेटा  आईएएस बन कर उनका नाम ऊंचा कर सके उस मुकाम तक पहुंचे जिस मुकाम तक वह नहीं पहुंचे थे

इसी बीच IAS Topper Shekhar Sharma के साथ एक बहुत बड़ी घटना हुई जिस कारण से उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ गई बता दें कि एक कार एक्सीडेंट में शेखर के माता-पिता बुरी तरह से घायल हो गए जिस कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी क्योंकि वह अपने माता-पिता को पढ़ाई से बढ़कर मानते थे और उनकी देखभाल करने में लग गए क्योंकि उनके पिता कोमा में चले गए और उनकी माता पैरालाइज हो गई इस हादसे ने शेखर को झकझोर कर के रख दिया। 

लेकिन शेखर के माता पिता चाहते थे कि वह अपनी पढ़ाई को पूरा करें और उन्होंने शेखर को हौसला दिया कि वह अपनी पढ़ाई वह पूरा करें, पहले तो वहां बिहार में पढ़ाई किया करते थे लेकिन दसवीं पढ़ाई करने के बाद बहुत दिल्ली चले गए उनके पिता चाहते थे कि वह वह आगे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें जिससे शेखर तैयारी करने के लिए कोटा में चले गए। 

माता पिता के कहने पर शेखर ने अपनी पढ़ाई को पूरा किया और उन्होंने दिल्ली से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की जब उनका ग्रेजुएशन कंप्लीट हो गया तो वह अपने मां बाप का सपना पूरा करने के लिए सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए एक्सीडेंट से उनका हौसला काफी कम हो गया था लेकिन उनके मां बाप ने शेखर को हौसला देकर उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित कर दिया, पहले तो उन्होंने बैंक की परीक्षा दी जिसमें वह क्वालिफाइड हो गए लेकिन उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का मन बनाया हुआ था तो आखिरकार उन्होंने आईएएस की परीक्षा दी जिसमें वहां सेलेक्ट हो गए और यूपीएससी में टॉपर बन गए। 

IAS के सपनो को साकार करने के लिए छोड़ी Google की नौकरी

Upsc Success Story

IAS के सपनो को साकार करने के लिए छोड़ी Google की नौकरी

Upsc Success Story of Himanshu Jain - आपने यह सब तो सुना ही होगा कि जहां चाह वहां राह है आज हम बात करने वाले हैं Himanshu Jain की जिन्होंने UPSC 2016 के सिविल सर्विस एग्जाम में 44 रैंक हासिल की पहले वे गूगल कंपनी में काम करते थे जहां उनकी सैलरी लगभग 22 लाख रुपये की लेकिन उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए गूगल तक की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी करने लग गए, जहां उन्होंने 2016 में यूपीएससी का पेपर देते हुए 44 वी रैंक हासिल की. तो चलिए जान लेते हैं कि किस प्रकार से उन्होंने संघर्ष करके यूपीएससी में 44 रैंक हासिल की। 

हिमांशु जैन हरियाणा के जींद के निवासी हैं उनके पिता एक दुकानदार हैं हिमांशु ने आईआईटी हैदराबाद से कंप्यूटर में एमटेक किया है जब उन्होंने एम.टेक का कोर्स पूरा कर लिया तो उनकी हैदराबाद में ही गूगल द्वारा नौकरी के लिए आमंत्रित कर लिया गया लेकिन हिमांशु का मन केवल आईएस बनने का ही था उन्होंने गूगल में नौकरी छोड़कर आईएएस की परीक्षा में जुड़ गए इंटरव्यू में बताते हुए हिमांशु जैन ने कहा कि आईएएस की तैयारी करने में उनकी चाची मीनाक्षी ने उनकी काफी ज्यादा मदद की। 

हिमांशु की चाची परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें हॉस्पिटल में घंटों तक बिठाकर पढ़ाया करती थी हिमांशु ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि की चाची ने ही उनके सपनों को पूरा करने में उनकी बहुत ज्यादा मदद की और जिसका अंजाम यहां हुआ कि हिमांशु जैन ने 2016 में आईएएस की परीक्षा में 44 ही रैंक हासिल की। 

हिमांशु ने इंटरव्यू में बताते हुए कहा कि जब उनका इंटरव्यू हुआ था तो लगभग उन्हें 35 मिनट तक इंटरव्यू में प्रश्न पूछते रहे उन्हें लगभग 40 से 50 प्रश्न तक इंटरव्यू में पूछे गए थे हिमांशु को इंटरव्यू में एक सवाल यह भी पूछा गया कि टेक्नोलॉजी ने मानव को सरल बना दिया या फिर पेचीदा बना दिया तो हिमांशु द्वारा जवाब दिया गया कि यह इंसान पर निर्भर करता है कि उसका इस्तेमाल किस तरह से करता है अगर उसका गलत इस्तेमाल किया जाता है तो वह पेचीदा होता है लेकिन जब टेक्नोलॉजी का सही तरह से इस्तेमाल किया जाएगा तो वहां मानव के लिए एक वरदान की तरह होगा। 

तो दोस्तों यह थी हिमांशु जैन यूपीएससी टॉपर 2016 की कहानी आशा है आपको यह पसंद आई होगी अगर आप अपने यूपीएससी में टॉप करने को सपने को पूरा करना चाहते हैं तो आपको अपने मन को एकजुट होकर पढ़ाई में लगाना होगा तभी आप यूपीएससी के एग्जाम में सफल हो पाओगे आपकोआशा है यह स्टोरी पसंद आई होगी मिलते हैं अगली पोस्ट में तब तक के लिए जय हिंद वंदे मातरम.....

10 Lines On Mahatma Gandhi For Class 3rd | Gandhi Jayanti Essay 2020

10 Lines On Mahatma Gandhi For Class 3rd | Gandhi Jayanti Essay 2020

10 Lines On Mahatma Gandhi For Class 3rd - महात्मा गांधी जी एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने हमारे भारतवर्ष के लिए बहुत योगदान दिया वे दीन दुखियों की मदद करने वाले अहिंसा के पुजारी थे जब भी किसी भारतवासी को पीड़ा होती तो वह उसे अपनी पीड़ा समझते थे आज हम Mahatma gandhi जी से जुड़े सभी बातों पर चर्चा करने वाले हैं Gandhi Jayanti 2020 भारतवर्ष में हर जगह बनाई जाती है इसलिए हम यहां पर गांधी जयंती 10 lines about mahatma gandhi जुड़े भाषण को यहां पर रखने वाले हैं जिसका उपयोग करके विद्यार्थी या अन्य कोई व्यक्ति इस भाषण को अपनेमहात्मा गांधी जी एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने हमारे भारतवर्ष के लिए बहुत योगदान दिया वे दीन दुखियों की मदद करने वाले अहिंसा के पुजारी थे जब भी किसी भारतवासी को पीड़ा होती तो वह उसे अपनी पीड़ा समझते थे आज हम महात्मा गांधी जी से जुड़े सभी बातों पर चर्चा करने वाले हैं गांधी जयंती भारतवर्ष में हर जगह बनाई जाती है इसलिए हम यहां पर mahatma gandhi par nibandh / speech को यहां पर रखने वाले हैं जिसका उपयोग करके विद्यार्थी या अन्य कोई व्यक्ति इस भाषण को अपने स्कूल कॉलेज या अन्य प्रतियोगिताओं में दे सकता है। 

Best 10 Lines On Mahatma Gandhi For Class 3rd

  1. महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 पोरबंदर गुजरात में हुआ था। 
  2. महात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करम चंद्र गांधी था। 
  3. गाँधी जी की माता का नाम पुतलीबाई तथा पिता का नाम करमचंद्र गाँधी था। 
  4. महात्मा गांधी जी को हम अपने देश के राष्ट्रपिता कहकर भी पुकारते हैं। 
  5. इनको राष्ट्रपिता का दर्जा सुभाष चंद्र बोस जी ने 4 जून 1944 को एक रेडियो प्रसारण के माध्यम से उन्हें राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। 
  6. सत्य अहिंसा की राह पर चलने वाले गांधीजी हमारे देश के गौरव और मानवता के संरक्षक थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना संपूर्ण योगदान दिया था। 
  7. महात्मा गांधी जी सत्य अहिंसा सादगी का प्रतीक माने जाते हैं। 
  8. बचपन से ही यह कुशाग्र बुद्धि के थे 13 साल की उम्र में उन्होंने कस्तूरबा से विवाह कर लिया। 
  9.  महात्मा गांधी जी ने वकालत की पढ़ाई लंदन में की तथा दक्षिण अफ्रीका में अभ्यास पूरा किया। 
  10. 30 जनवरी 1948 को हिंदू राष्ट्रवादी नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की छाती में गोली मारकर हत्या कर दी। 


Mahatma Gandhi Par Lekh Hindi Me

Mahatma Gandhi Par Lekh महात्मा गाँधी जी पर लेख : भारत देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी जी की जयंती को हम पूरे भारतवर्ष के हर राज्य, जिलों ,नगरों, गांव, विद्यालयों ,सरकारी दफ्तरों मैं हर्ष उल्लास के साथ मनातेे हैं गांधी जयंती को महात्मा गांधी जी के सम्मान में मनाया जाता है इसलिए इसे "गांधी जयंती" के नाम से पुकारा जाता है क्योंकि उन्होंने ब्रिटिश शासन में हमारे भारतवर्ष के लिए बहुत संघर्ष किया था इस शुभ दिन को राजघाट में महात्मा गांधी जी की स्मारक पर फूल चढ़ाकर उनके प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम का गान करतेे हैं महात्मा गांधी जी सत्य अहिंसा सादगी का प्रतीक माने जाते हैं गांधी जयंती मनाने की संपूर्ण तैयारी पहले से ही शुरू हो जाती है ज्यादातर राजघाट पर जहां उनका स्मृति स्थल है वहां सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रार्थना तथा भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जाती है जो हमारे देश के राष्ट्रपिता के सम्मान में होती हैमहात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करम चंद्र गांधी था महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 पोरबंदर गुजरात में हुआ था महात्मा गांधी जी को हम अपने देश के राष्ट्रपिता कहकर भी पुकारते हैं सत्य अहिंसा की राह पर चलने वाले गांधीजी हमारे देश के गौरव और मानवता के संरक्षक थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना संपूर्ण योगदान दिया था। 

Paragraph On Mahatma Gandhi In Hindi

Short para Graph About Mahatma Gandhi In Hindi - हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था इन्हें हम भारत के राष्ट्रपिता के नाम से भी पुकारते हैं महात्मा गांधी जी को बापू नाम से भी जाना जाता है बापू नाम महात्मा गांधी जी को राज कुमार शुक्ला जी ने दिया था 2 अक्टूबर 1869 में जन्मे भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी जी हिंदू परिवार से थे इनके पिता करमचंद गांधी राजनीतिक व्यक्ति और माता पुतलीबाई एक धार्मिक महिला थी बचपन से ही यह कुशाग्र बुद्धि के थे 13 साल की उम्र में उन्होंने कस्तूरबा से विवाह कर लिया महात्मा गांधी जी ने वकालत की पढ़ाई लंदन में की तथा दक्षिण अफ्रीका में अभ्यास पूरा किया वह सच्चाई शांति के शांती के समर्थक थे साथ ही वहां सादा जीवन उच्च विचार को मानते थे दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी जी ने 1893 से 1914 तक वकालत के रूप में कार्य किया सन 1915 में गोपाल कृष्ण गोखले के अनुरोध पर गांधी जी भारत आ गए गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस पार्टी के नेता हुआ करते थे और गांधी जी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और उन्होंने 1920 में नेतृत्व संभाला 1 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की जिसका मकसद था कि अंग्रेजों को भारत से बाहर भगाना 15 अगस्त 1947 को आखिर ब्रिटिश शासन समाप्त हो गया और भारत एक स्वतंत्र देश बन गया सन 30 जनवरी 1948 को हिंदू राष्ट्रवादी नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की छाती में गोली मारकर हत्या कर दी जिससे पूरे देश में दुख का मातम छा गया और 15 नवंबर को नाथूराम गोडसे को फांसी दे दी गई। 

Mahatma Gandhi Ke Anmol Vachan

Mahatma Gandhi Anmol Vachan In Hindi
  • मनुष्य अपने वचनों से निर्मित प्राणी है वह जो सोचता है वही बन जाता है 
  • मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता 
  • खुद वो बदलाव बनो जो आप दुनिया में देखना चाहते हो 
  • मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है 
  • सत्य मेरा धर्म है और अहिंसा उसे पाने का एक साधन 
  • अगर आप कुछ नहीं करोगे तो आपके पास परिणाम नहीं होगा 
  • क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है 
  • तभी बोलो जब वह मौन से बेहतर हो 
  • अपनी गलती को स्वीकार करना झाड़ू लगाने जैसा है जो सतह है को साफ और चमकदार कर देती है 
  • थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है 
  • एक विनम तरीके से आप दुनिया को हिला सकते हो।