कुत्ते ने बचा लिया नहीं तो हो जाता पहाड़ी गुलदार का शिकार जानिए पूरी कहानी

कुत्ते ने बचा लिया नहीं तो हो जाता गुलदार का शिकार जानिए पूरी कहानी

उत्तराखंड गुलदारो को लेकर हमेशा से ही चर्चा में रहा है यहां आए दिन लोगों पर गुलदार और अन्य जंगली जानवरों के हमले होते रहते हैं खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार दिन में भी देखने को मिल जाता है और कई लोगों को यह अपना शिकार भी बना चुका है पहले तो यह जंगली जानवर रात में शिकार पर निकलते थे लेकिन अब जंगलों के क्षति होने के कारण यह अब दिन में भी बाहर निकलने लगे हैं और दोनों पर सरेआम हमले भी करते हैं.

आज ऐसी ही घटना के बारे में बात करने वाले हैं जो कि उत्तराखंड के एक जिले काशीपुर की है जहां पर दिन में तेंदुआ देखे जाने पर लोगों के बीच हड़कंप मच गया और गुलदार ने सरेआम एक 13 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया लेकिन बच्चे की किस्मत अच्छी थी कि एक पालतू कुत्ते की वजह से उसकी जान बच पाई तो चलिए जानते हैं क्या है पूरी खबर.

बुधवार को शाम के 4:00 बजे एक 13 वर्षीय बालक कॉलेज परिसर की ओर से घर की तरफ जा ही रहा था अचानक से उसके सामने गुलदार आकर प्रकट हो गया जैसे ही गुलदार ने बच्चे पर हमला करने की सोची तभी गुलदार को एक कुत्ता दिख गया और वहां उस कुत्ते की पीछे चला गया जिस कारण से उस बच्चे की जान बच गई इस खबर को सुनकर गांव के सभी लोगों में हड़कंप सी मच गई और पूरी खबर को लेकर विभाग को सूचित कर दिया गया जिसमें वन विभाग की टीम ने कॉलेज के पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगा दिए ताकि कैमरे में बाघ की असली तस्वीर आ सके जिससे उसे पहचाना जा सके.

इस खबर को सुनकर पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल छा गया, वहीं वन विभाग ने गांव वालों से पूछताछ की की मामला क्या है इस पर डॉ गुप्ता ने बताया कि परिसर में तेंदुआ चार-पांच दिनों से घूम रहा है पहले भी इस खबर को सुनकर वन विभाग को पहले ही सूचना दे दी गई थी लेकिन कोई भी इस बात पर प्रतिक्रिया नहीं दी गई अब वही परिसर में गुलदार को पकड़ने के लिए कैमरे लगा दिए गए हैं ताकि वन विभाग की टीम गुलदार को पकड़कर गांव से दूर ले जा सके.