भारत सरकार ने शिक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है (NEP) New Education Policy 2020 के मुताबिक 10+2 सिस्टम को समाप्त कर लिया है अब इसकी जगह नया Education सिस्टम लाया जाएगा Ministry of Education and Ramesh Pokhriyal Nishank है एजुकेशन सिस्टम को लेकर जानिए पूरी जानकारी।

New Education Policy 2020 in Hindi

(NEP 2020) New Education Policy 2020 in Hindi: मोदी सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर में परिवर्तन लाने के लिए 29 जुलाई 2020 यानी बुधवार को नयी शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है जिसमे फैसला लिया है की अब पुराना एजुकेशन पैटर्न को हटाकर नया पैटर्न लाया जाएगा रिपोर्ट के मुताबिक़ नयी शिक्षा में 10+2 वाले पुराने सिस्टम को पुरे तरीके से the end कर दिया जाएगा और इसकी जगह लेगा नया पैटर्न जो की होगा 5+ 3+ 3+ 4

इससे पहले इस Education पॉलिसी को 1986 में भी लागू किया गया था और बाद में 1992 में इसमें कुछ छोटा मोटा संसोधन भी किया गया लेकिन अब 2020 में इसमें पुनः संसोधन किया गया है और पुराने वाले सिस्टम को पूरी तरह से बदला जा रहा है. तो चलिए अब जान लेते है की क्या होगा 5+ 3+ 3+ 4 सिस्टम और क्या होगी इसकी ख़ास बाते.

Foundation Stage (5 Year)
इस स्टेज में बच्चो की 3 साल आंगनबाड़ी में शिक्षा होगी जिसे प्री स्कूलिंग शिक्षा भी कहते है और शेष 2 साल में स्कूल की पढ़ाई कराई जाएगी और इसके लिए अलग से सिलेबस तैयार होगा और वही सिलेबस 5 साल की शिक्षा के अंदर पढ़ाया जाएगा और इसी शिक्षा में एक्टिविटी के आधार पर शिक्षा दी जाएगी और इसमें 3-8 साल के बच्चे कवर किये जाएंगे.

Preparatory stage (3 Year)
इस स्टेज में बच्चों को 3-5 तक की शिक्षा दी जाएगी और इस स्टेज में 11 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को कवर किया जाएगा और साथ साथ में मैथ साइंस आर्ट जैसी विषयों को कवर किया जाएगा।

Middle Stage (3 Year)
इसमें 6 से 8 तक की पढ़ाई होगी जिसमें 11 से 14 साल के बच्चों को पढ़ाया जाएगा जिसमें Kaushal vikash से संबंधित शिक्षा भी दी जाएगी.

Secondary Stage(4 Year)
इसमें 9 से 12 तक की पढ़ाई होगी जिसमें 14 से ऊपर Years के छात्रों को पढ़ाया जाएगा जिसमें कोई भी छात्र अपने मनपसंद विषयों का चयनित कर सकता है.

अब स्कूलों में stream system काे पूरी तरह खत्म कर दिया गया है यानी अब फिजिक्स का कोई छात्र आर्ट सब्जेक्ट पढ़ना चाहता है तो वह अब ऐसा कर सकता है और अगर कोई आर्ट सब्जेक्ट का बच्चा Physics पढ़ना चाहता है तो वह भी ऐसा कर सकता है यानी प्रत्येक छात्र किसी भी विषय को लेने के लिए अब स्वतंत्र है यानी अब आप आर्ट फिजिक्स कॉमर्स अकाउंटिंग किसी भी विषय को पढ़ सकते हैं.

तथा अब 5वी तक कोई भी छात्र अपनी मातृभाषा या लोकल भाषा में पढ़ाई कर सकता है यानी अंग्रेजी विषय अनिवार्य नहीं है उदाहरण के लिए अगर आप अपने बच्चे को मराठी, गुजराती जो भी आप की मातृभाषा है में पढ़ाना चाहते हो तो अब यह हो पाएगा और अंग्रेजी को केवल एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा.

New Education Policy 2020

जब विद्यार्थी छठवीं कक्षा में पहुंच जाएं तो वहां पर उसे कंप्यूटर से संबंधित सारी जानकारी जैसे कोडिंग द्वारा सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन, वेब डिजाइनिंग यह सब कुछ सिखाया जाएगा, और साथ ही अगर किसी विद्यार्थी को किसी एक खास विषय में रुचि है तो उसे उस विषय पर Practical Knowledge दी जाएगी.

9-12 की परीक्षाएं अब Semester System के आधार पर की जाएंगी हर 6 महीने में 2 परीक्षाएं होंगी और दोनों परीक्षाओं के अंको को जोड़कर फाइनल मार्कशीट तैयार की जाएगी.

बोर्ड के एग्जाम को आसान बनाया जाएगा और इसमें छात्रों के समझने की क्षमता के आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा अब छात्र कोई भी विषय रटकर पास नहीं हो सकता यानी रट्टा मारने की आदत को छात्रों में से हटा दिया जाएगा.

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बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र अब किसी भी भाषा में परीक्षा देने के लिए स्वतंत्र हैं यानी अगर आप अंग्रेजी में पेपर देना चाहते हैं तो अंग्रेजी में ही पेपर लिख सकते हैं और अगर हिंदी में पेपर लिखना चाहते हैं तो हिंदी में पेपर लिख सकते हैं चाहे आप हिंदी मीडियम से हो या फिर इंग्लिश मीडियम से परीक्षा लिखना आप पर निर्भर करेगा और फाइनल रिपोर्ट कार्ड को 360 डिग्री असेसमेंट के आधार पर बनाया जाएगा जिसमें छात्र का व्यवहार एक्टिविटी प्रदर्शन देखा जाएगा और तब फाइनल Report card बनेगा.

12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब आप कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट दे सकेंगे यानी अगर आपके 12वीं में अच्छे मार्क्स नहीं है और आपका एडमिशन किसी कॉलेज में नहीं होता है तो आप common Aptitude Test दे सकेंगे और इसके अंक आपकी 12th के साथ जोड़ दिया जाएगा और इस आधार पर आपको आपके मनपसंद कॉलेज में दाखिला ले सकेंगे.

ग्रेजुएशन कि शिक्षा को 3 एवं 4 वर्षों में बांट दिया गया है यानी अगर आप 1 साल में अपनी पढ़ाई को छोड़ देते हैं तो आपको Certificate दिया जाएगा और अगर आप 2 साल बाद ही अपनी कॉलेज की पढ़ाई को छोड़ देते हैं तो आपको Diploma दिया जाएगा और 3 साल में आपको बेचलर डिग्री दी जाएगी और अगर आप 4 साल की पढ़ाई को पूरा करेंगे तो आपको बैचलर डिग्री के साथ रिसर्च सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.